अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य की असेंबली ने स्टेल्थिंग यानी ‘सेक्स के दौरान अपने साथी की जानकारी या सहमति के बिना कंडोम हटाने’ पर प्रतिबंध लगा दिया है.डेमोक्रेट सदस्य क्रिस्टीना गार्सिया पिछले चार साल से इस क़ानून के लिए प्रयास कर रही थीं. असेंबली में इस विधेयक को पेश करने वाली गार्सिया ने वहां कहा, ‘’अब साफ़ है कि कैलिफ़ोर्निया में ऐसा करना अपराध है.’’

गार्सिया ने कहा, ‘’यह अपनी तरह का देश का पहला क़ानून है. मैं बाक़ी के राज्यों से भी कैलिफ़ोर्निया के रास्ते पर चलने और यह स्पष्ट करने का अनुरोध करती हूं कि स्टेल्थिंग न केवल अनैतिक है, बल्कि अवैध भी.”स्टेल्थिंग का क़ानून बनाने के लिए क्रिस्टीना गार्सिया 2017 से काम कर रही हैं. तब उस समय छात्रा रहीं एलेक्जेंड्रा ब्रोडस्की की एक रिपोर्ट ‘कोलंबिया जर्नल ऑफ़ जेंडर एंड लॉ’ में प्रकाशित हुई थी. इस क़ानून के लिए जागरुकता फैलाने का श्रेय इस रिपोर्ट को ही दिया जाता है.हालांकि, स्टेल्थिंग कोई नई बात नहीं है.

स्टेल्थिंग आख़िर है क्या?

सीधे शब्दों में कहें, तो स्टेल्थिंग का मतलब सेक्स के दौरान साथी को बताए बिना कंडोम हटा लेने या उसे जानबूझकर नुक़सान पहुंचाने से है. ऐसा करने से साथी के यौन संचारित रोगों से संक्रमित या गर्भवती होने का ख़तरा पैदा हो जाता है. साथ ही यह पीड़ित या पीड़िता की गरिमा का भी उल्लंघन करता है.

हालांकि अनुमान है कि ऐसा सालों से होता आ रहा है. लेकिन इंटरनेट के लोकप्रिय होने के बाद इस पर अधिक ध्यान दिया गया. असल में इंटरनेट पर कई ब्लॉग में सेक्स अपराधियों को ये बताते पाया गया कि स्टेल्थिंग के काम को कैसे अंजाम दिया जाए.

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसीन में 2019 में प्रकाशित एक पर्चे में 21 से 30 साल की 12 फ़ीसदी महिलाओं ने स्टेल्थिंग के अपने अनुभव को साझा किया. उसी साल, ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि पुरुषों के साथ संबंध बनाने के दौरान 33 फ़ीसदी महिलाओं और 20 फ़ीसदी पुरुषों के साथ स्टेल्थिंग का वाक़या हुआ. 2019 के एक दूसरे अध्ययन में पाया गया कि लगभग 10 फ़ीसदी पुरुषों ने सेक्स के दौरान बिना साथी की सहमति के कंडोम हटाए थे.

एलेक्जेंड्रा ब्रोडस्की ने 2017 में प्रकाशित एक पर्चे में स्टेल्थिंग पर लिखने वाले एक जाने-माने ब्लॉगर को उद्धृत किया था. यह ब्लॉगर अब निष्क्रिय हो चुकी अपनी साइट पर अन्य पुरुषों को सलाह देते थे कि कैसे साथी के पते चले बिना कंडोम को चुपचाप हटाया जाए.ब्लॉग पर कमेंट करने वालों ने कई तरह की अभद्र टिप्पणियां की थीं.लेकिन जब स्टेल्थिंग को लेकर जागरुकता बढ़ी तो क़ानून बनाने की कोशिश पिछड़ गई.

क़ानून क्या कहता है?

जिन देशों ने भी स्टेल्थिंग से निपटने की कोशिश की है उन्होंने इसके लिए अलग-अलग तरीके अपनाए हैं.कैलिफ़ोर्निया का यह क़ानून अमेरिका का अपनी तरह का पहला क़ानून है जो स्टेल्थिंग को असल में अपराध नहीं बनाता. इसकी बजाय स्टेल्थिंग के लिए इस क़ानून में सामान्य दंड का प्रावधान किया गया है. इससे पीड़ित या पीड़िता को हर्जाने के लिए मुक़दमा करने की अनुमति मिलती है.

दुनिया भर में इसके लिए यौन हमले से लेकर बलात्कार तक के मामले दर्ज़ होने के बाद केवल चुनिंदा मामलों में ही मुक़दमे सफ़ल हो पाते हैं.जर्मनी के एक पुलिस अधिकारी को अपने साथी की सहमति के बिना कंडोम निकालने के लिए यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया गया था. अदालत से उन्हें आठ महीने की निलंबित जेल की सज़ा मिली थी. साथ ही पीड़ित के यौन स्वास्थ्य की जांच के लिए 96 यूरो (8,300 रुपए) और हर्जाने के रूप में 3,000 यूरो (2.62 लाख रुपए) का जुर्माना भी लगाया गया था.

न्यूज़ीलैंड में इसके लिए कठोर रुख़ अख़्तियार किया गया. इस साल के शुरू में एक व्यक्ति को किसी सेक्स वर्कर के साथ स्टेल्थिंग करने के चलते बलात्कार का दोषी ठहराया गया. इसके लिए उसे तीन साल नौ महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई.
इसी तरह ब्रिटेन में भी स्टेल्थिंग को बलात्कार माना जाता है. हालांकि इसके लिए कोई ख़ास क़ानून नहीं है. 2019 में एक व्यक्ति को किसी सेक्स वर्कर के साथ स्टेल्थिंग करने के लिए बलात्कार का दोषी माना गया. अभियुक्त से सेक्स वर्कर ने ख़ास तौर पर अनुरोध किया था कि वो कंडोम लगाए. अदालत ने अभियुक्त के कंडोम हटाने के चलते सेक्स वर्कर की सशर्त सहमति को नकारते हुए बने संबंध को बलात्कार क़रार दिया.

2014 में कनाडा तो 2017 में स्विट्ज़रलैंड में इसके चलते यौन उत्पीड़न का सफल मुक़दमा चलाया गया. हालांकि हाल में ज्यूरिख़ के कैंटोनल सुप्रीम कोर्ट ने अफ़सोस के साथ स्टेल्थिंग को अवैध क़रार नहीं दिया.स्टेल्थिंग के सबसे हाई प्रोफ़ाइल मामलों में से एक जूलियन असांज का रहा है. उन पर 2010 में स्वीडन की यात्रा के दौरान दो अलग-अलग महिलाओं ने सेक्स करने के दौरान कंडोम हटाने का आरोप लगाया था.

हालांकि, उन्हें किसी भी अपराध का दोषी क़रार नहीं दिया जा सका क्योंकि अमेरिका को सौंप देने के डर से उन्होंने स्वीडन जाने से मना कर दिया था. अमेरिका में उन पर जासूसी के मामले दर्ज़ थे. बाद में स्वीडन ने इस मामले को हटा दिया.

अब आगे क्या होगा?

दुनिया में स्टेल्थिंग से निपटने के तरीक़े में काफ़ी असमानताएं हैं. इस बात को मिशेला कोएल द्वारा निर्मित और अभिनीत बीबीसी की लोकप्रिय मिनी-सिरीज़ ‘आई मे डिस्ट्रॉय यू’ में दिखाया गया.इसके पांचवें एपिसोड में नायिका अराबेला, स्टेल्थिंग करने वाले एक शख़्स को ब्रिटेन के क़ानून के तहत बलात्कारी बताती हैं. वो फिर इसे अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से अलग करती हुई कहती हैं, “यदि आप अमेरिका में हैं तो इसे ‘बलात्कार के क़रीब’ माना जाएगा. वहीं ऑस्ट्रेलिया में इसे ‘थोड़ा बलात्कार’ कहा जाएगा.”

आख़िरकार स्टेल्थिंग सहमति का सवाल है और किसी पर मुक़दमा चलाने के लिए देश के क़ानूनों को इसका ख्य़ाल रखना होगा.एमनेस्टी इंटरनेशनल ने यूरोप के बलात्कार क़ानूनों की समीक्षा में पाया कि 31 में से केवल 12 देशों में ‘सहमति’ के क़ानून थे. बाक़ी देशों में दूसरे कारणों से इसे बलात्कार माना जाता था, जैसे कि क्या सेक्स के दौरान हिंसा की गई थी.

नीदरलैंड्स, फ़िनलैंड, स्विट्ज़रलैंड और स्लोवेनिया सहित कई देश अपने क़ानूनों को बदलने की सोच रहे हैं. वहीं स्पेन ने पिछले साल यौन हिंसा के लिए एक विधेयक लाने की घोषणा की थी और बताया था कि इसमें बलात्कार की क़ानूनी परिभाषा को बदला जाएगा.

कैलिफ़ोर्निया की ही तरह ऑस्ट्रेलिया के राजधानी क्षेत्र (एसीटी) ने भी बीते दिनों स्टेल्थिंग को गैरक़ानूनी घोषित कर दिया. ऐसा करने वाला वो ऑस्ट्रेलिया का पहला राज्य है. मौज़ूदा क़ानूनों में यह गतिविधि पहले से दर्ज़ थी. लेकिन नए क़ानून के तहत अब इसे यौन हमला माना जाएगा.

इस विधेयक को विपक्ष की नेता एलिज़ाबेथ ली ने पेश किया था. उन्होंने कहा कि “स्टेल्थिंग किसी भी इंसान के लिए एक दर्दनाक चीज़ है. मुझे गर्व है कि एसीटी ने इस जघन्य काम को अपराध क़रार देने वाला यह क़ानून पारित कर देश को बढ़ाने वाला काम किया है.”

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