प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपराधियों और खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त रूख अपनाए हुए हैं, भू माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ उनका बुलडोजर लगातार गरज रहा है वहीं उसके उलट उनकी ही पार्टी के लोग मुख्यमंत्री के इरादों पर पानी फेेरते नजर आ रहे हैं। भाजपा के ही दो जनप्रतिनिधि अवैध खनन में शामिल हैं, खनन को लेकर उनके बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस ऑडियो में जिन दो जनप्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत को आप सुनेंगे उनमें से एक हैं सांसद प्रतिनिधि रवी बाजपेई तो दूसरी तरफ हैं शिवराजपुर के ब्लॉक प्रमुख शुभम बाजपेई। शुभम बाजपेई उसी ब्लॉक के प्रमुख हैं जहां पर कुछ दिनों पहले विधायक राहुल बच्चा सोनकर ने चौकी इंचार्ज को सूचना देकर अवैध खनन में जुटे डम्परों को पकड़वाया था। इन दोनों के ही बीच खनन को लेकर क्या बातें हो रही हैं जरा आप भी सुनिए।

इस क्षेत्र में अवैध खनन होने की ये कोई नई बात सामने नहीं आई है, बताते चलें कि यहां लम्बे समय से अवैध खनन को अंजाम दिया जा रहा है। हैरानी की बात तो ये है कि खुद पीएनसी के भी हाथ अवैध रूप से मिट्टी बेचने में सने हुए हैं। आए दिन मिट्टी से भरे ओवरलोडेड वाहनों को यहां से गुजरते हुए देखा जा सकता है। पीएनसी लगातार एनजीटी के आदेशों की अनसुनी करते हुए और मानकों को दरकिनार करते हुए अपने डम्परों में तय मानक से एक एक हाथ उपर तक मिट्टी भरवा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री के सख्त आदेश हैं कि ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध लगाया जाए, मौरंग और गिट्टी की ओवरलोडिंग पर तो प्रतिबंध लगा है लेकिन मिट्टी की ओवरलोडिंग पर पीएनसी कोई रोक नहीं लगा रहा। बेखौफ होकर यहां से अवैध खनन करने वाले ओवरलोडेड डम्पर यहां से गुजरते हैं और उनको रोकने वाला कोई नहीं है। यहां तक की एनजीटी के आदेशों के बावजूद डम्परों पर तिरपाल तक लगा नहीं दिखता है। चौबेपुर से मंधना के बीच किसी भी समय आप इस अवैध खनन और ओवरलोडेड डम्परों को देख सकते हैं। हालात ये हैं कि पीएनसी ने यहां मिट्टी खोदने के लिए 12 से 15 फीट तक के गहरे गड्ढे खोद दिए हैं। आपको बता दें कि यहीं पर शंकरा आई हॉस्पिटल भी स्थित है, जहां बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अपनी आंखों का इलाज कराने आते हैं, यहां मरीजों की आंखों के रेटीना का ऑपरेशन होता है लेकिन मिट्टी के खनन से होने वाली धूल ने इन मरीजों की आंखों की तकलीफ को भी बढ़ा दिया है। इतना ही नहीं यहीं से कुछ दूरी पर स्थित है यशराज कॉलेज, इसी मार्ग पर स्थित है यशराज कॉलेज, वही यशराज कॉलेज जहां अभी कुछ दिन पहले ही भाजपा के मंत्री जितिन प्रसाद पहुंचे थे। और साथ ही पहुंचा था अधिकारियों का काफिला भी। मंत्री जी को भी इस मार्ग से गुजरने में खासा कष्ट हुआ था, ये सड़क सांसद कोटे से बनी थी। मंत्री जितिन प्रसाद ने अधिकारियों से इस सड़क को सुधारने के निर्देश भी दिए थे लेकिन अभी तक इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। मंत्री जितिन प्रसाद जब यहां स्थित यशराज कॉलेज पहुंचे तो यहां पढ़ने वाली छात्राओं ने उनसे इस सम्बंध में अपनी पीड़ा भी बताई थी कि किस तरह यहां उड़ने वाली धूल मिट्टी से उनकी ड्रेस गंदी हो जाती है और यहां की आबोहवा में सांस लेना कितना कठिन है। लेकिन फिर भी अभी तक इस समस्या को लेकर कोई समाधान नहीं निकाला गया है। आलम ये है कि खनन में जुटे और यहां से गुजरने वाले इन वाहनों ने पूरी सड़क ही तबाह कर दी है, अगर दिखता है तो सिर्फ धूल और मिट्टी का ऐसा गुबार जिसने स्थानीय लोगों का सांस लेना भी दूभर कर दिया है।

 

आपको बताना चाहेंगे कि कानपुर की पूर्व जिलाधिकारी रोशन जैकब जिन पर इस समय उत्तर प्रदेश सरकार के खनन विभाग की जिम्मेदारी है उन्होंने खुद वर्ष 2015 में चौबेपुर, शिवराजपुर, बिठूर और महाराजपुर में 9 खनन माफियाओं पर मुकदमा दर्ज कराया था, उस समय समाजवादी पार्टी की सरकार थी बताते हुए हैरानी होती है कि तत्कालीन सरकार के नेता भी खनन में शामिल थे। उस समय ये मामला खानापूरी करके निपटा दिया गया था। लेकिन मौजूदा समय में भी भाजपा की सरकार है और मुख्यमंत्री हैं योगी आदित्यनाथ जिनका बुलडोजर किसी भी अपराधी को बख्शता नजर नहीं आता है, ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि भाजपा के ही जो जनप्रतिनिधि यहां खनन में संलिप्त हैं क्या उन पर उचित कार्रवाई होगी या नहीं।

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